अनजान टापू पर नफरत और प्रेम

किताबों और फिल्मों का गहरा रिश्ता है। गौर करें तो भारतीय समांतर सिनेमा या जिसे हम कला सिनेमा कहते हैं उसकी बुनियाद में ही आधुनिक हिन्दी साहित्य है। इस पर मैं कभी अलग से...

डॉयलॉग, डॉयलॉग और डॉयलॉग..

"माँ, मै फर्स्ट क्लास फर्स्ट पास हो गया हूँ" "माँ तुम कितनी अच्छी हो" "भैया!" "आज पिंकी का जन्म-दिन है""मैने इस ज़मीन को अपने खून से सींचा है... " "वो एक गन्दी नाली का कीडा है" "कुत्ते! कमीने! ....." "इसे...

हॉरर फिल्में: भीतर छिपे भय की खोज

कभी लगातार प्रयोगों से बॉलीवुड सिनेमा को एक नया रास्ता दिखाने वाले राम गोपाल वर्मा ने शायद अब अपने लिए दो सुरक्षित जोन तलाश लिए हैं, अंडरवर्ल्ड और हॉरर। लंबे समय से इन्हीं दो...

कॉमिक्स और सिनेमाः फ्रेम-दर-फ्रेम

बीते दिनों चैनल जूम पर डायरेक्टर्स कट में शेखर कपूर का इंटरव्यू देखा. इंटरव्यू लेने वाले कबीर बेदी थे. जितने उत्साह से मैं देखने बैठा था, उस लिहाज से निराशा हुई. बहुत सतही से...

किस्सा-ए-हॉलीवुडः गतांक से आगे

एंपायर स्ट्राइक्स बैक जैसे साइंस फिक्शन और फ्लैश गार्डेन और स्पाइडर मैन स्ट्राइक्स बैक जैसी कॉमिक चरित्रों पर आधारित फिल्मों के बाद उम्र का वह दौर आया जब हम- यानी मैं और मेरे साथी...